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20 साल बाद Warren Buffett का पछतावा: गूगल को नज़रअंदाज़ करना सबसे बड़ी गलती

वाशिंगटन | दुनिया के सबसे सफल और भरोसेमंद निवेशकों में शामिल Warren Buffett और उनके लंबे समय तक सहयोगी रहे दिवंगत चार्ली मंगर के जीवन का सबसे बड़ा निवेश पछतावा आखिरकार करीब बीस साल बाद...

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वाशिंगटन |

दुनिया के सबसे सफल और भरोसेमंद निवेशकों में शामिल Warren Buffett और उनके लंबे समय तक सहयोगी रहे दिवंगत चार्ली मंगर के जीवन का सबसे बड़ा निवेश पछतावा आखिरकार करीब बीस साल बाद समाप्त हो गया है। वह पछतावा था—गूगल में समय रहते निवेश न कर पाने का। अब इस ऐतिहासिक भूल पर विराम लगाते हुए बर्कशायर हैथवे ने वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट में लगभग 4.3 अरब डॉलर का निवेश किया है।

बफेट और मंगर कई बार सार्वजनिक मंचों पर स्वीकार कर चुके थे कि वर्ष 2004 में गूगल के सार्वजनिक निर्गम को नज़रअंदाज़ करना उनकी सबसे बड़ी रणनीतिक भूल थी। यह गलती इसलिए भी अधिक पीड़ादायक थी, क्योंकि गूगल की व्यावसायिक ताकत उन्हें किसी बाहरी विश्लेषण से नहीं, बल्कि अपनी ही बीमा कंपनी जीईआईसीओ के अनुभव से साफ दिखाई दे रही थी। जीईआईसीओ गूगल के खोज विज्ञापनों पर प्रति क्लिक करीब दस डॉलर खर्च करती थी, लेकिन उससे मिलने वाला ग्राहक लाभ इतना अधिक था कि वास्तविक लागत लगभग शून्य के बराबर हो जाती थी।

इसके बावजूद बफेट और मंगर वर्षों तक इस अवसर को देखते रहे, पर निर्णायक कदम नहीं उठा सके। एक पुराने शेयरधारक सम्मेलन में चार्ली मंगर ने इसे खुलकर “हमसे बड़ी गड़बड़ हो गई” कहा था। वहीं वॉरेन बफेट ने माना था कि वे सब कुछ अपनी आंखों के सामने होते देख रहे थे, फिर भी निवेश का साहस नहीं जुटा पाए। मंगर ने इस व्यवहार को “अंगूठा चूसते बैठे रहने” जैसा बताया था और यहां तक कहा था कि बाद में एप्पल में किया गया विशाल निवेश कहीं न कहीं उसी ऐतिहासिक भूल का प्रायश्चित था।

अब 2025 की तीसरी तिमाही में बर्कशायर हैथवे ने अल्फाबेट के लगभग एक करोड़ अठहत्तर लाख शेयर खरीदे, जिनमें अधिकांश मतदान अधिकार वाले शेयर हैं। सितंबर 2025 के अंत तक यह निवेश बर्कशायर के कुल 267 अरब डॉलर के इक्विटी पोर्टफोलियो का करीब 1.6 प्रतिशत बन गया। इस निवेश के साथ ही अल्फाबेट बर्कशायर की शीर्ष दस होल्डिंग्स में शामिल हो गई, जो यह संकेत देता है कि कंपनी अब गूगल को केवल एक सफल व्यवसाय नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश के रूप में देख रही है।

इस दौरान बर्कशायर ने एप्पल में अपनी हिस्सेदारी घटाई और कुछ बड़े बैंकिंग निवेशों में भी कटौती की। इससे साफ संकेत मिला कि बर्कशायर अब तकनीकी क्षेत्र में नए संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्फाबेट में यह निवेश केवल पुराने अफसोस को खत्म करने का प्रयास नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य पर गहरे भरोसे का प्रमाण है।

विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक, जेमिनी जैसे उन्नत मॉडल, गूगल का तेजी से बढ़ता क्लाउड कारोबार और खोज विज्ञापन का वही अत्यधिक लाभकारी मॉडल—जिसने कभी जीईआईसीओ को प्रभावित किया था—आज भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। निवेश की घोषणा के बाद बाजार में इसका असर भी दिखा और अल्फाबेट के शेयरों में तेज़ी दर्ज की गई।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वॉरेन बफेट 2026 में नेतृत्व की जिम्मेदारी ग्रेग एबल को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अल्फाबेट में किया गया यह निवेश केवल एक सौदा नहीं, बल्कि बर्कशायर हैथवे के भविष्य और विरासत की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है। कभी जिस गूगल को नज़रअंदाज़ किया गया था, वही अब बर्कशायर की अगली पीढ़ी की रणनीति का मजबूत आधार बन चुका है।

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