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White house ने जारी की ‘Operation Absolute Resolve’ की तस्वीरें

निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे महीनों की गुप्त रणनीति काराकास | अमेरिका ने वेनेजुएला में चलाए गए एक बेहद गोपनीय और हाई-प्रोफाइल सैन्य अभियान की परतें सार्वजनिक कर दी हैं। व्हाइट हाउस की ओर...

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निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे महीनों की गुप्त रणनीति

काराकास |

अमेरिका ने वेनेजुएला में चलाए गए एक बेहद गोपनीय और हाई-प्रोफाइल सैन्य अभियान की परतें सार्वजनिक कर दी हैं। व्हाइट हाउस की ओर से जारी की गई तस्वीरों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े सैन्य अभियान पर लाइव नजर रखते हुए देखा जा सकता है। यह अभियान ‘White house ने जारी की ‘Operation Absolute Resolve’ की तस्वीरें’ के नाम से अंजाम दिया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।

फ्लोरिडा स्थित ट्रंप के मार-ए-लागो आवास से ली गई इन तस्वीरों में राष्ट्रपति ट्रंप, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, CIA प्रमुख और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। स्क्रीन पर रातभर चल रहे सैन्य ऑपरेशन के लाइव अपडेट्स आते रहे, जिन्हें ट्रंप खुद पल-पल मॉनिटर करते रहे। ट्रंप ने बाद में कहा कि उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को रियल टाइम में देखा—“बिल्कुल ऐसे, जैसे कोई तेज़ रफ्तार टीवी शो चल रहा हो।”

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे महीनों की सैन्य और खुफिया तैयारी थी। इस दौरान वेनेजुएला के आसपास अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई गई, कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क्स पर नजर रखी गई और मादुरो की गतिविधियों, सुरक्षा घेरे और रोज़मर्रा की दिनचर्या की बारीकी से जानकारी जुटाई गई।

स्पेशल फोर्सेज ने मिशन से पहले कई बार अभ्यास किया, यहां तक कि मादुरो के ठिकाने की हूबहू नकल कर ट्रेनिंग दी गई। सैन्य नेतृत्व का कहना था कि लक्ष्य यह नहीं था कि मिशन सही हो जाए, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि गलती की कोई गुंजाइश ही न बचे।

शनिवार तड़के यह अभियान अंजाम दिया गया। राजधानी काराकस के कई हिस्सों में अचानक अंधेरा छा गया और जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि पूरा ऑपरेशन 30 मिनट से भी कम समय में पूरा हो गया। ट्रंप ने बताया कि मौसम साफ होने के बाद ही अंतिम मंजूरी दी गई, ताकि हेलिकॉप्टर अंधेरे की आड़ में वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर सकें।

अमेरिका ने दावा किया कि इस दौरान कोई भी अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया, हालांकि कुछ जवान घायल हुए और एक हेलिकॉप्टर पर फायरिंग भी हुई, लेकिन वह सुरक्षित लौट आया।

गिरफ्तारी के बाद मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हेलिकॉप्टर से कैरेबियन सागर में मौजूद अमेरिकी नौसेना के जहाज पर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क स्टेट के स्टुअर्ट एयर फोर्स बेस लाया गया और वहां से भारी सुरक्षा के बीच ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट किया गया। यह जेल अमेरिका की सबसे हाई-प्रोफाइल जेलों में गिनी जाती है।

अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, निकोलस मादुरो पर न्यूयॉर्क की अदालत में नार्को-टेररिज़्म की साजिश, ड्रग तस्करी और हथियारों से जुड़े गंभीर आरोप तय किए गए हैं। उनकी पहली कोर्ट पेशी अगले हफ्ते होने की संभावना है।

व्हाइट हाउस और अमेरिकी एजेंसियों की ओर से जारी वीडियो और तस्वीरों ने यह साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि अमेरिका की ओर से दिया गया एक बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संदेश भी है। ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ आने वाले समय में वैश्विक राजनीति, लैटिन अमेरिका की स्थिरता और अमेरिका-वेनेजुएला रिश्तों पर गहरा असर डालने वाला साबित हो सकता है।

उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंप दी है।

स्थानीय समयानुसार शनिवार देर रात जारी कोर्ट के आदेश में कहा गया कि निकोलस मादुरो फिलहाल अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में “अस्थायी रूप से असमर्थ” हैं। सुप्रीम कोर्ट की जज तानिया डी’अमेलियो ने सरकारी टीवी चैनल पर फैसले को पढ़ते हुए कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज देश में प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति के सभी अधिकारों का प्रयोग करेंगी।

कोर्ट ने वेनेजुएला के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रपति की अस्थायी या स्थायी अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति को यह जिम्मेदारी संभालनी होती है।

इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने खुलासा किया कि मादुरो को हटाने की योजना पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी रखी गई थी, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर फोकस की कमी के चलते यह आगे नहीं बढ़ सकी। बोल्टन ने कहा कि ट्रंप उस समय वेनेजुएला के तेल संसाधनों में काफी रुचि रखते थे, लेकिन इस मुद्दे पर निरंतर ध्यान बनाए रखना संभव नहीं हो पाया।

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