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जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने एटरनल के ग्रुप CEO पद से दिया इस्तीफा, अलबिंदर ढिंडसा बने नए प्रमुख

नई दिल्ली। जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने एटरनल लिमिटेड के ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से इस्तीफा दे दिया है। एटरनल, देश की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो की पेरेंट कंपनी है। उनके...

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नई दिल्ली। जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने एटरनल लिमिटेड के ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से इस्तीफा दे दिया है। एटरनल, देश की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो की पेरेंट कंपनी है। उनके स्थान पर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के मौजूदा CEO अलबिंदर ढिंडसा को एटरनल का नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है। इस संबंध में जानकारी दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को लिखे एक पत्र के माध्यम से दी।

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दीपिंदर गोयल ने स्पष्ट किया कि वे कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं, बल्कि एटरनल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में वाइस चेयरमैन के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नए ग्रुप CEO के तौर पर अलबिंदर ढिंडसा अब कंपनी के रोजमर्रा के संचालन, रणनीतिक प्राथमिकताओं और अहम व्यावसायिक निर्णयों की जिम्मेदारी संभालेंगे। गोयल ने ढिंडसा पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कंपनी का फोकस और गति दोनों बरकरार रहेंगे।

अपने फैसले के पीछे की वजह बताते हुए गोयल ने कहा कि हाल के समय में वे ऐसे नए विचारों की ओर आकर्षित हुए हैं, जिनमें प्रयोग और नवाचार के साथ-साथ अपेक्षाकृत अधिक जोखिम भी शामिल है। उनके अनुसार, इस तरह के प्रयोग किसी सार्वजनिक कंपनी के ढांचे के भीतर करना व्यावहारिक नहीं होता। उन्होंने कहा कि भारत में किसी पब्लिक कंपनी के CEO पर कानूनी और नियामकीय जिम्मेदारियों के चलते एकल और पूर्ण फोकस की अपेक्षा होती है, जिससे अलग-अलग दिशाओं में प्रयोग करना कठिन हो जाता है।

गोयल ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इस नेतृत्व परिवर्तन से एटरनल की रणनीति या कारोबार की रफ्तार पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। बल्कि यह बदलाव कंपनी की संस्थागत मजबूती को और सुदृढ़ करेगा। वहीं, व्यक्तिगत स्तर पर यह निर्णय उन्हें ऐसे नए विचारों पर काम करने की स्वतंत्रता देगा, जो एटरनल के मौजूदा जोखिम प्रोफाइल और व्यवसायिक दायरे में फिट नहीं बैठते।

42 वर्षीय दीपिंदर गोयल ने आगे कहा कि वे एटरनल की दीर्घकालिक रणनीति, संगठनात्मक संस्कृति, नेतृत्व विकास, नैतिकता और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े मामलों में सक्रिय रूप से जुड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी अक्षांत गोयल और नए ग्रुप CEO अलबिंदर ढिंडसा के साथ मिलकर काम करते रहेंगे, ताकि ट्रांजिशन प्रक्रिया सुचारू और प्रभावी बनी रहे।

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब एटरनल ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मुनाफे में क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी के क्विक डिलीवरी बिजनेस ब्लिंकिट की बढ़ती मांग और मजबूत प्रदर्शन ने इसके वित्तीय नतीजों को सहारा दिया है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी का ऑपरेशनल मॉडल और रणनीति फिलहाल सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

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दीपिंदर गोयल ने यह भी जानकारी दी कि इस बदलाव के तहत उनके सभी अनवेस्टेड कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ESOPs) वापस ESOP पूल में डाल दिए जाएंगे। इसका उद्देश्य कंपनी की अगली पीढ़ी के नेताओं के लिए संपत्ति सृजन के अवसर सुनिश्चित करना है, साथ ही शेयरधारकों पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना दीर्घकालिक प्रतिभा को बनाए रखना है।

कुल मिलाकर, एटरनल में हुआ यह नेतृत्व परिवर्तन कंपनी के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। जहां एक ओर अलबिंदर ढिंडसा के नेतृत्व में कंपनी अपने मौजूदा व्यवसाय पर पूरी तरह केंद्रित रहेगी, वहीं दूसरी ओर दीपिंदर गोयल नए विचारों और नवाचार की राह पर आगे बढ़ते हुए एटरनल को रणनीतिक मार्गदर्शन देते रहेंगे।

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