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300 साल बाद मिला औरंगजेब काल का खजाना, श्रीलंका के समंदर में डूबे जहाज से निकले चांदी के सिक्के

नई दिल्ली। इतिहास से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खोज सामने आई है। श्रीलंका के समुद्री तट के पास एक डूबे हुए जहाज से मुगलकालीन खजाना मिलने का दावा किया गया है। बताया जा रहा...

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नई दिल्ली। इतिहास से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खोज सामने आई है। श्रीलंका के समुद्री तट के पास एक डूबे हुए जहाज से मुगलकालीन खजाना मिलने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि यह खजाना करीब 300 साल पुराना है और इसका संबंध मुगल बादशाह Aurangzeb के शासनकाल से जुड़ा हुआ है।

समुद्र में मिला प्राचीन खजाना

रिपोर्ट्स के अनुसार, मशहूर लेखक Arthur C. Clarke को श्रीलंका के समुद्र में गोताखोरी के दौरान एक प्राचीन जहाज का मलबा मिला। इसी मलबे में हजारों चांदी के सिक्के पाए गए, जिन्हें मुगल काल का बताया जा रहा है।

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औरंगजेब काल के सिक्के

बताया जा रहा है कि ये सभी सिक्के साल 1701-1702 के बीच ढाले गए थे, जब Aurangzeb का शासन था। इन सिक्कों को उस समय के शाही खजाने का हिस्सा माना जा रहा है।

इतिहासकारों के अनुसार, यह खजाना संभवतः भारत से किसी अन्य देश भेजा जा रहा था, लेकिन जहाज डूबने के कारण यह समुद्र में ही दफन हो गया।

‘ताजमहल के खजाने’ से जुड़ा कनेक्शन

विशेषज्ञों का मानना है कि ये सिक्के मुगल साम्राज्य की आर्थिक व्यवस्था और शाही खजाने से जुड़े थे, जिसे Taj Mahal के रखरखाव और प्रशासनिक खर्च से भी जोड़ा जाता है। इसी वजह से इसे “ताजमहल का खजाना” कहा जा रहा है।

कितनी है कीमत?

समुद्र से निकाले गए इन हजारों चांदी के सिक्कों की अनुमानित कीमत आज के समय में करीब 6.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, ऐतिहासिक महत्व के कारण इनकी असली कीमत इससे कहीं ज्यादा मानी जा रही है।

क्यों डूबा था जहाज?

इतिहासकारों के मुताबिक, यह जहाज सूरत के एक व्यापारी का था, जो समुद्री व्यापार मार्ग से माल लेकर जा रहा था। इसी दौरान प्राकृतिक आपदा के कारण जहाज समुद्र में डूब गया और यह खजाना हमेशा के लिए खो गया था।

चांदी के सिक्कों का इतिहास

भारत में चांदी के रुपये की शुरुआत Sher Shah Suri के समय हुई थी, जिसे बाद में मुगल शासकों और अंग्रेजों ने भी अपनाया। Aurangzeb के दौर में यह मुद्रा और भी प्रचलित हुई।

ऐतिहासिक महत्व

इस खोज को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे मुगल काल के व्यापार, समुद्री मार्गों और आर्थिक व्यवस्था के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है।

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श्रीलंका के समुद्र में मिला यह खजाना न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के इतिहास और मुगल काल की समृद्धि को भी दर्शाता है। आने वाले समय में इस खोज से कई और ऐतिहासिक रहस्यों के खुलने की उम्मीद है।

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