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HDFC Bank पर उठे सवाल, 45 करोड़ रुपये के भुगतान मामले से शेयरों में गिरावट

नई दिल्ली। के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बैंक से जुड़ा एक कथित वित्तीय विवाद है, जिसके सामने आने के बाद शेयर बाजार में बैंक...

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नई दिल्ली। के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बैंक से जुड़ा एक कथित वित्तीय विवाद है, जिसके सामने आने के बाद शेयर बाजार में बैंक के स्टॉक पर दबाव देखने को मिला। बुधवार को NSE पर HDFC Bank के शेयर करीब 2 प्रतिशत तक टूट गए। निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है और बैंक की कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

45 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक HDFC Bank पर आरोप है कि उसने एक सरकारी संस्था को अधिक जमा आकर्षित करने के लिए करीब 45 करोड़ रुपये का भुगतान कथित तौर पर मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह भुगतान बैंकिंग नियमों के खिलाफ हो सकता है, क्योंकि बैंकों को अलग-अलग ग्राहकों को अलग ब्याज लाभ देने की अनुमति नहीं होती। मामले को लेकर बैंक के अंदर एक आंतरिक जांच भी की गई थी।

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बैंक ने आरोपों को किया खारिज

विवाद बढ़ने के बाद HDFC Bank की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। बैंक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसकी सभी प्रक्रियाएं नियामकीय नियमों और मजबूत आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था के तहत संचालित होती हैं। बैंक ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में लगाए गए आरोप भ्रामक हैं और बैंक हमेशा पारदर्शिता तथा नियमों के पालन के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

शेयर बाजार में दिखा असर

इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया। बुधवार को HDFC Bank के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई और स्टॉक करीब 761 रुपये तक फिसल गया। निवेशकों ने सतर्कता बरतते हुए बिकवाली की, जिससे बैंक का मार्केट सेंटिमेंट कमजोर हुआ। हालांकि कुछ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, क्योंकि बैंक की मूल वित्तीय स्थिति अभी भी मजबूत मानी जा रही है।

पहले भी गवर्नेंस को लेकर उठ चुके हैं सवाल

बीते कुछ महीनों में HDFC Bank कई कारणों से चर्चा में रहा है। मार्च 2026 में बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद भी बैंक की गवर्नेंस को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि बाद में हुई समीक्षा में किसी बड़े अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद निवेशकों की नजर बैंक के हर कदम पर बनी हुई है।

मजबूत प्रदर्शन के बावजूद बढ़ी चिंता

हाल ही में HDFC Bank ने वित्तीय नतीजों में मजबूत मुनाफा दर्ज किया था। बैंक का लोन ग्रोथ और रिटेल बिजनेस लगातार मजबूत बना हुआ है। इसके बावजूद ताजा विवाद ने बैंक की छवि को झटका दिया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े बैंकों के लिए सिर्फ मुनाफा ही नहीं, बल्कि भरोसा और पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी होती है।

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निवेशकों की नजर अगले कदम पर

फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि बैंक इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है। यदि जांच में बैंक को क्लीन चिट मिलती है तो शेयरों में फिर तेजी लौट सकती है। लेकिन अगर मामला और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में बैंक के शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। बैंकिंग सेक्टर में HDFC Bank की मजबूत पकड़ को देखते हुए यह मामला पूरे वित्तीय बाजार के लिए भी अहम माना जा रहा है।

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