
Mario Molina: का जन्म सन 19 मार्च 1943 को मेक्सिको सिटी (Mexico City) में हुआ था। बचपन से ही विज्ञान के क्षेत्र में इनके काफी रूचि थी। बता दें कि, उन्होंने बचपन में अपने बाथरूम को ही एक अस्थाई प्रयोगशाला बना दिया था और अपने माइक्रोस्कोप खिलौने के माध्यम से छोटे-छोटे जीवो को चलते देखकर काफी खुश होते थे और इसी रुचि ने मारियो मोलिना को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में एक वैज्ञानिक बना दिया। नोबेल पुरस्कार ( Nobel Prize) विजेता मारियो मोलिना की गूगल ने 80 वी जयंती को मनाया है।
मारियो मोलिना को सन् 1995 में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन्होंने पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव एवं इसके साथ ही ओजोन परत (Ozone Layer) में छेद और उसके कारणों का पता किया। मारियो मोलिना ने पता किया कि ओजोन परत में छेद क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस से होता है। दोस्तो यह वही क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस है जो एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर इत्यादि में इस्तेमाल की जाती है।
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