| 🌡️ दिल्ली 38°C
Trending News
Hindi News / खबरें

हौजरानी अग्निकांड: अवैध निर्माण और सिस्टम फेलियर ने ली 21 लोगों की जान

दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया। एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर...

ADVERTISEMENT
<span class="title-highlight-color">हौजरानी अग्निकांड:</span> अवैध निर्माण और सिस्टम फेलियर ने ली 21 लोगों की जान

दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया। एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 26 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है, जो इलाज के लिए दिल्ली आए थे और पास के अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजन के रूप में इस गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे।

रेस्तरां के ऊपर चल रहा था गेस्ट हाउस

जानकारी के मुताबिक इमारत के निचले हिस्से में रेस्तरां संचालित हो रहा था, जबकि ऊपर के फ्लोर पर गेस्ट हाउस बनाया गया था। हादसे के समय रेस्तरां में 50 से अधिक लोग मौजूद थे। आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई और लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों तथा बालकनी की तरफ भागने लगे। कई लोगों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग तक लगा दी।

Read More: गुरुग्राम में 5 हजार के इनामी बदमाश का एनकाउंटर, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली

छह कमरों की अनुमति, बनाए गए 25 कमरे

प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि गेस्ट हाउस में केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां करीब 25 कमरे बना दिए गए थे। इमारत में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्था भी नहीं थी। एक ही संकरी सीढ़ी और रास्ते के कारण लोग आग और धुएं के बीच फंस गए। जांच एजेंसियां अब अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही के एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं।

फायर एनओसी और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल फायर सेफ्टी को लेकर खड़ा हो गया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि इमारत के पास वैध फायर एनओसी थी या नहीं, आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे या नहीं, और इमरजेंसी एग्जिट काम कर रहे थे या नहीं। शुरुआती रिपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक लॉक जाम होने और निकासी मार्ग बाधित होने की भी बात सामने आई है।

राहत और बचाव अभियान में जुटीं कई एजेंसियां

दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:45 बजे सूचना मिली, जिसके बाद कई दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। पुलिस, अग्निशमन विभाग, डीडीएमए और स्थानीय लोगों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कई पुलिसकर्मी भी रेस्क्यू के दौरान झुलस गए और उन्हें एम्स बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया।

अस्पतालों में अफरा-तफरी, कई की हालत गंभीर

घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर, एम्स बर्न यूनिट, सफदरजंग अस्पताल और मैक्स अस्पताल साकेत में भर्ती कराया गया है। मैक्स अस्पताल के अनुसार कई मरीज गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं और कुछ वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। अस्पतालों में मृतकों के स्वजन अपने परिजनों की पहचान के लिए भटकते नजर आए।

Read More: IPO GMP को लेकर निवेशकों में बढ़ा उत्साह, ग्रे मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेत

एमसीडी और प्रशासन पर उठे सवाल

घटना के बाद एमसीडी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि अवैध रूप से चल रही इस इमारत पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई इमारतों में नियमों को ताक पर रखकर होटल, गेस्ट हाउस और रेस्तरां चलाए जा रहे हैं, लेकिन संबंधित एजेंसियां आंखें मूंदे बैठी हैं।

FIR दर्ज, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। फॉरेंसिक टीम भी मौके से साक्ष्य जुटा रही है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या सिलेंडर ब्लास्ट की जताई जा रही है, हालांकि आग लगने की असली वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

संबंधित खबरें