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RSS के फीडबैक पर गई हरियाणा-BJP अध्यक्ष की कुर्सी, संगठन में बड़ा बदलाव

कैथल। हरियाणा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा बीजेपी की नई प्रदेश...

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कैथल। हरियाणा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा बीजेपी की नई प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि यह बदलाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के फीडबैक और संगठनात्मक समीक्षा के बाद किया गया है।

पिछले कुछ समय से हरियाणा बीजेपी संगठन को लेकर लगातार मंथन चल रहा था। लोकसभा चुनाव और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए पार्टी हाईकमान संगठन में नई ऊर्जा और बेहतर तालमेल चाहती थी। इसी बीच RSS की ओर से भी संगठन की कार्यशैली, कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और जमीनी सक्रियता को लेकर फीडबैक दिया गया था। माना जा रहा है कि उसी के बाद नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया गया।

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महिला नेतृत्व पर बीजेपी का बड़ा दांव

डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को बीजेपी का बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। वह करीब 40 वर्षों में हरियाणा बीजेपी की दूसरी महिला अध्यक्ष बनी हैं। पार्टी इसे महिला सशक्तिकरण और संगठन में नए चेहरे को आगे लाने की रणनीति के रूप में पेश कर रही है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि अर्चना गुप्ता लंबे समय से संगठन में सक्रिय रही हैं और उन्होंने बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। पार्टी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में महिला वोट बैंक के साथ-साथ युवा कार्यकर्ताओं में भी नया उत्साह देखने को मिलेगा।

RSS-BJP समन्वय बना चर्चा का विषय

हरियाणा में बीजेपी और RSS के बीच समन्वय हमेशा से अहम माना जाता रहा है। पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान भी टिकट वितरण और संगठनात्मक रणनीति को लेकर दोनों संगठनों के बीच कई दौर की बैठकें हुई थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अब 2027 के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठन को पूरी तरह एक्टिव मोड में लाना चाहती है।

सूत्र बताते हैं कि पार्टी के भीतर कई नेताओं की कार्यशैली और संगठनात्मक पकड़ को लेकर भी समीक्षा हुई थी। RSS ने कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने, पुराने कार्यकर्ताओं को फिर सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने की सलाह दी थी।

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विपक्ष ने भी साधा निशाना

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस बदलाव को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि बीजेपी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा और लगातार संगठनात्मक बदलाव उसी का संकेत हैं। वहीं बीजेपी नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी समय-समय पर संगठन को मजबूत करने के लिए बदलाव करती रहती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हरियाणा बीजेपी में यह बदलाव केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई प्रदेश अध्यक्ष संगठन को कितना मजबूत कर पाती हैं और RSS-BJP का यह तालमेल आगामी चुनावों में कितना असर दिखाता है।

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